अयोध्याकाण्ड दोहा 306
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चौपाई :सहित समाज तुम्हार हमारा। घर बन गुर प्रसाद रखवारा॥मातु पिता गुर स्वामि निदेसू। सकल धरम धरनीधर सेसू॥1॥ भावार्थ:- गुरुजी का प्रसाद (अनुग्रह) ही घर में और वन में समाज सहित तुम्हारा और हमारा रक्षक है। माता, पिता, गुरु और स्वामी क