बालकांड दोहा 323
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चौपाई :सिय सुंदरता बरनि न जाई। लघु मति बहुत मनोहरताई॥आवत दीखि बरातिन्ह सीता। रूप रासि सब भाँति पुनीता॥1॥ भावार्थ:- सीताजी की सुंदरता का वर्णन नहीं हो सकता, क्योंकि बुद्धि बहुत छोटी है और मनोहरता बहुत बड़ी है। रूप की राशि और सब प्र